कमला और उसकी बेटी

कमला.....लोगों के घरों में काम करती है..... बर्तन मांजने से लेकर घर की झाडू पोंछे तक, रोजाना सुबह और शाम लोगों के घर जाती है। कमला की उम्र होगी लगभग पैंतालिस साल, दुबला शरीर और रंग सांवला। शरीर ढला हुआ, लेकिन काम में गजब की फुर्ती। उसने काम के लिए पांच छह पकडे हुए हैं। हर महीने सात सौ रुपये पगार लेती है हर घर से। कमला ने बताया कि उसकी दो बेटियां है और पति भी है, पति कोई काम नहीं करता, दिनभर शराब पीता रहता है। कमला काम के पैसे लेती है, किसी का रहम उसे कतई पसंद नहीं। लेकिन त्यौहार आते ही उसकी नीयत थोडी बदल जाती है। इस बार उसने दीपावली पर हर घर से अलग अलग मांग रख डाली। किसी घर से स्टील का ताश तो किसी के घर से प्रेशर कुकर, पीतल की परात, आदि आदि....। खैर प्रेशर कुकर की मांग जिस घर से की गई, वो घर मेरा है। दीपावली के दिन वो ठीक सी साडी पहनकर आई, घर में घुसते ही उसने सवाल दागा कि मेरा प्रेशर कुकर आ गया....या नहीं....जवाब मिला, पहले काम निपटा लो फिर मिल जाएगा...... मेरी पत्नी ने उसे प्रेशर कुकर देते हुए कहा कि पांच लीटर का है और नामी कंपनी का है, खूब चलेगा.....कमला फटाक से बोली, किसी भी कंपनी का हो, मुझे थोड़े ही इस्तेमाल करना है.....ये बात सुनकर मैं चौंक गया, पूछा, अरे तुम नहीं इस्तेमाल करोगे, तो फिर कौन करेगा......वो बोली, मेरी बेटी इसको इस्तेमाल करेगी, जल्द ही उसका ब्याह होने वाला है, बाकी घरों से भी जो सामान मांग रही हूं, वो सब बेटी को दूंगी। हर त्यौहार पर जो सामान मिलता है, उसे बेटी के दहेज के लिए रख देती हूं। अब देखा ही जाए कैसे ससुराल मिलती है, मैंने उससे पूछा कि किसी बडी है तुम्हारी बेटी.....उसने बताया कि इस साल सोलह की हो जाएगी.......मैंने कहा कि अरे अभी तो छोटी है, इतनी जल्दी क्यों ब्याह कर रही हो.....कमला तपाक से बोली....अरे किसी के संग भाग जाएगी, आजकल का जमाना बडा खराब हो गया है....जरा जरा सी लडकियां आजकल लौंडो के साथ भाग रही है, इस महीने हमारे मौहल्ले से तीन लडकियां चली गई.......अब बेटी जवान हो रही है, टाइम से हाथ पीले कर दूं....बात यही खत्म हो गई......चार दिन बाद वो सुबह आई तो आते ही उसने मुझसे कहा कि साहब आपसे कुछ काम है.....मैंने पूछा.....क्या, कमला बोली, साहब मेरे आदमी ने गलत किया है, बेटी का जिससे रिश्ता हुआ है, वो उम्र में उससे दोगुना है......मुझसे ये बात मेरे मर्द ने छिपाई थी, वो तो किसी से ये मालूम पड़ गया....अब मैं वहां बेटी की शादी नहीं करूंगी......अब सुबह से ही मेरा मर्द मुझसे झगड़ा कर रहा है.....जरा पुलिस वालों को भिजवाकर उसका दिमाग ठीक करा दो.....पहले तो कमला की सारी बातें सुनकर मैं अवाक रह गया.....फिर सोचा कि चलो बाकी तो कमला ही जानें.....फिलहाल उसके पति का दिमाग सही कराना है....ये सोचकर मैंने चौकी इंचार्ज को फोनकर कमला की मदद की बात कही। कमला पुलिस चौकी चली गई.....बाद में क्या हुआ....ये अगले दिन पता चला....कमला ने अगले दिन बताया कि पुलिस वालों ने उसके पति को खूब हड़काया। तब वो रिश्ता नई जगह करने के लिए राजी हुआ। अब दिसंबर में कमला की छोरी का ब्याह है......भगवान उसकी बेटी का ब्याह सही सलामत करा दे।

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